कुल्लू। वर्ष 2019 से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में आ रहे 21 देवी-देवताओं को भी नजराना राशि और दशहरा उत्सव समिति की ओर से निमंत्रण पत्र दिया जाए। देवता अपने खर्चे पर दशहरा में आकर देव परंपरा को निभा रहे हैं।
इतना ही नहीं ये देवता जिला देवी-देवता कारदार संघ की आनी, बंजार, मंगलौर, सैंज के खंडों में पंजीकृत हैं लेकिन इन्हें नजराना राशि नहीं मिलती है।
नजराना राशि देने और निमंत्रण पत्र भेजे जाने की मांग को लेकर रविवार को 21 देवी-देवताओं के कारदारों ने कोठी चैहणी वार्ड के जिला परिषद सदस्य एवं कारदार मान सिंह की अगुवाई में मुख्य संसदीय सचिव एवं अध्यक्ष दशहरा समिति सुंदर सिंह ठाकुर से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से बिना निमंत्रण और बिना नजराने के देवता अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शोभा बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति ने जिले के 32 देवी-देवताओं को निमंत्रण सहित नजराना राशि देने का जो निर्णय लिया था, उसी तर्ज पर वर्ष 2019 से लगातार दशहरा उत्सव में देव परंपरा का निर्वहन करने वाले देवी-देवताओं को भी नजराना राशि एवं निमंत्रण पत्र जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 16 ऐसे देवी-देवताओं भी हैं, जो अभी कारदार संघ के खंडों में पंजीकृत नहीं हैं। इन देवताओं के कारदारों ने भी अपनी मांगें रखी हैं। इससे पहले कारदारों ने मुख्य संसदीय सचिव को सम्मानित किया। इन देवी-देवताओं को नजराना राशि और निमंत्रण पत्र देने की बात पिछले दिनों दशहरा उत्सव समिति की बैठक में भी उठी थी।
मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने इस मसले को जिला प्रशासन के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान टीसी महंत, प्यारू राम, तापे राम, ठाकुर दास, पूर्ण चंद, चेत राम, तेज राम आदि मौजूद रहे। संवाद