सैंज घाटी में बारिश और तुफान से गिरी मक्की की फसल।-संवाद
कुल्लू। जिले में शुक्रवार को झमाझम बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। एक महीने बाद बारिश होने से जिलावासी सहम गए हैं। दोपहर बाद करीब 3:30 बजे से जिले के बंजार, सैंज और आनी में भारी बारिश हुई।
बंजार के सैंज में मक्की और राजमा की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के साथ हवाएं चलने से सैंज में तैयार मक्की और राजमा की फसल खेतों में बिछ गई। मौसम में आए एकाएक बदलाव से जिला प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विज्ञान केंद्र ने जिले में 18 सितंबर तक बारिश होने की संभावना जताई है।
बारिश के कारण औट से चार किलोमीटर दूर झलोगी के पास भूस्खलन होने से शाम के समय करीब एक घंटे के लिए कुल्लू-मंडी वाया पंडोह मार्ग अवरुद्ध हो गया। ऐसे में यहां बारिश के बीच बसों के साथ सेब और सब्जी से भरे वाहन फंसे रहे। जिला कुल्लू में जुलाई और अगस्त में बाढ़ एवं भारी बारिश से हुई तबाही के बाद सड़कों को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है लेकिन बारिश होने से कुल्लू-मनाली हाईवे तीन के साथ ग्रामीण इलाकों की सड़कों का मरम्मत कार्य प्रभावित हुआ है।
बारिश के चलते एचआरटीसी ने अपने चालक-परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि सवारियों और बसों की सुरक्षा को देखते हुए बसों को सुरक्षित जगहों तक ही ले जाएं। निगम का कहना है कि जिले के अधिकतर मार्ग आपदा के बाद पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हैं। ऐसे में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा बरकरार है। निगम ने सड़कों की हालत ठीक नहीं होने से कुल्लू से पीणी, आनी-रोहाचला और करशाला सहित कई रूटों पर बसों को नहीं भेजा है।
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मौसम को देखते हुए आम लोग और पर्यटक नदी-नालों से दूर रहें। मौसम अगले दो से तीन दिनों तक खराब है।
-शशिपाल शर्मा, सहायक आयुक्त कुल्लू