सरकार से मिले निर्देशों के बाद जुटाया जाएगा शहर की सभी संपत्तियों का डाटा
नगर पंचायत ने शुरू की प्रक्रिया, जुलाई के पहले हफ्ते तक पूरी हो जाएगी तैयारी
भुंतर क्षेत्र में हैं 1,000 से अधिक संपत्तियां, नपं के राजस्व में भी होगा इजाफा
बलदेव राज
कुल्लू। भुुंतर शहर में नगर परिषद गृह कर और संपत्ति कर के आकलन के लिए जीआईएस तकनीक से ड्रोन के माध्यम से सर्वे करवाएगी। ड्रोन से होने वाले सर्वे में शहर की सभी संपत्तियों का डाटा तैयार किया जाएगा।
शहर में करीब 1000 से अधिक घर और संपत्तियां हैं। सर्वे के बाद नगर पंचायत के गृह और संपत्ति कर से आने वाले राजस्व में भी इजाफा होगा।
प्रदेश सरकार की ओर से मिले निर्देशों के बाद इस तरह का सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए नगर पंचायत भुंतर ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जुलाई के पहले सप्ताह तक सारी प्रकिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद गृह कर को लेकर सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, इसमें कुछ बिंदुओं को शामिल किया गया है। नगर पंचायत के अधिकारियों की मानें तो पहले रेंटल वेल्यू पर टैक्स लगता था। अब टैक्स यूनिट आधार पर टैक्स लगाया जाएगा। संवाद
ढांचे के हिसाब से तय किया जाएगा टैक्स
सर्वे में देखा जाएगा कि मकान की लंबाई-चौड़ाई कितनी है, कितना एरिया है। व्यावसायिक संपत्ति का कर अलग रहेगा, जबकि हाउस टैक्स अलग होगा। स्ट्रक्चर को देखते हुए उसके हिसाब से टैक्स लगेगा। सर्वे का एक फायदा यह भी होगा कि सारी संपत्तियों का रिकाॅर्ड नगर पंचायत के आ जाएगा। बहरहाल, नगर पंचायत के लिए हाउस टैक्स और संपत्ति कर को लेकर किया जा रहा सर्वे फायदेमंद साबित होगा।
जीआईएस आधारित ड्रोन सर्वे संपत्ति टैक्स और हाउस टैक्स के निर्धारण के लिए किया जा रहा है। इसके बाद डाटा को सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। - हर्षित शर्मा, सचिव, नगर पंचायत भुंतर
सात वार्डों में रहती है 15,000 की आबादी
भुंतर शहर जिले के प्रवेश द्वार पर बसा है। नगर पंचायत में शमशी, पारला भुंतर तक सहित कुल सात वार्ड हैं। शहर की आबादी करीब 15,000 है। भुंतर बस स्टैंड के समीप कुल्लू-मनाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। गड़सा, मणिकर्ण घाटी, दियार, स्नोर घाटी से प्रतिदिन सैकड़ों लोग भुंतर बाजार पहुंचते हैं।