जाहलमा नाले में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी पानी की पाइपलाइन
विभाग ने आपदा प्रबंधन और ग्रामीणों के साथ मिलकर पाई सफलता
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में जलशक्ति विभाग ने बेहतरीन सेवाओं का परिचय देते हुए जसरथ के ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। जून महीने में जाहलमा नाले में भयंकर बाढ़ आने से चंद्रभागा नदी का बहाव उफान पर आ जाने से पानी की पाइपलाइन चंद्रभागा नदी में समा गई थी।
हालांकि जलशक्ति विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को जसरथ के ऊपर नाले से अस्थायी पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था तो कर दी थी। लेकिन उस पार से लाई गई पानी की आपूर्ति को बहाल करने में विभाग को समस्या पेश आ रही थी। क्योंकि चंद्रभागा नदी को आरपार करने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं था।
जसरथ गांव के लिए नदी पर पहले का जो फुटब्रिज था वह 19 अगस्त 2022 को जाहलमा नाले और चंद्रभागा नदी के उफान पर आ जाने से पहले ही ध्वस्त हो गया था। इसी के सहारे पानी की पाइपलाइन भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी।
लेकिन जलशक्ति विभाग की तकनीकी टीम ने तीन दिन की कड़ी मशक्कत से ड्रोन का सहारा लेकर 18 घरों की आबादी वाले जसरथ गांव को एक बार फिर से पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी है, इससे ग्रामीणों का काफी राहत मिल गई है। जसरथ गांव के बाशिंदों ने जलशक्ति विभाग का आभार जताते हुए विभाग के कार्यों की बड़ी प्रशंसा की है।
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उफनती चंद्रभागा नदी को पार कर जसरथ के लिए नदी के ऊपर से पाइप डालकर वामतट गांव जसरथ को ले जाना काफी चुनौती पूर्ण था, गांव के लिए पुल भी नहीं है। ऐसे में विभाग ने आपदा प्रबंधन की टीम और ग्रामीणों के साथ मिलकर ड्रोन के माध्यम से जसरथ के लिए चंद्रभागा नदी के ऊपर से पाइप डालकर जसरथ के लिए रविवार को पेयजल आपूर्ति को सुचारु किया है।
राजेन्द्र ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता जलशक्ति विभाग