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Kullu News: कहीं सेहत न बिगाड़ दे जंग लगे पाइपों से मिल रहा पीने का पानी

Mon, 12 Jan 2026 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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शहर में निकासी नालियों के ऊपर बिछे हैं पाइप, कहीं रिसाव से बढ़ा जलजनित रोगों का खतरा
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एक साल में कुल्लू में सामने आए थे डायरिया के 16906 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर में स्वच्छ पेयजल का दावा जमीनी हकीकत से बहुत दूर है। कई जगह पानी के पाइप निकासी नालियों के ऊपर बिछे हैं। इनमें जंग लग गया है। कहीं रिसाव भी हो रहा है। इस स्थिति में जल जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है।
वर्ष 2025 में डायरिया और हेपेटाइटिस के दर्ज मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। स्वच्छ पेयजल को लेकर भले ही जल शक्ति विभाग दावे करता है लेकिन लोगों का स्वास्थ्य दांव पर है।
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नगर परिषद कुल्लू के अंतर्गत पेयजल लाइनों की हालत, व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया गया तो इसमें कई खामियां देखने को मिलीं। लोअर विंग स्कूल के पास नाली का गंदा पानी नाली के ऊपर से बह रहा है। साथ ही पाइपों में जंग भी देखा गया। कई अन्य जगह भी इस तरह की स्थिति देखने को मिली। कॉलेज चौक के समीप एक पेयजल लाइन में रिसाव भी पाया गया। जिले की बात करें तो वर्ष 2024 में डायरिया के 19161 मामले सामने आए थे। वर्ष 2025 में जिले में डायरिया के 16906 मामले सामने आए हैं। बरसात के दिनों में मटमैला पानी होने के कारण डायरिया के अधिक मामले सामने आते हैं। वर्ष 2025 में हेपेटाइटिस बी के 110, हेपेटाइटिस सी के 158 मामले सामने आए। कुल्लू अस्पताल में बरसात के दिनों में सबसे अधिक मरीज डायरिया और पीलिया के आते हैं। बरसात के दिनों में अधिकतर दूषित पानी लोगों की सेहत बिगाड़ देता है।



जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी जाती है। बरसात के दौरान ही यह समस्या अधिक रहती है। साथ ही जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अन्य कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। - डॉ रणजीत ठाकुर, सीएमओ, कुल्लू



पेयजल का मसला बेहद गंभीर है। कुल्लू शहर में पानी के पाइप नालियों में हैं। इन्हें बदला जाना जरूरी है। रिसाव की स्थिति में लोग जल जनित रोगों की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए जल शक्ति विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रियान ठाकुर, कुल्लू
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पेयजल योजनाओं में कई पाइप पुराने हो चुके हैं। इनमें जंग लग गया है। जंग लगी पानी के पाइपों को बदलने की जरूरत है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने पाइप अधिक हैं। छोटी सी लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। - नरेंद्र शर्मा, कुल्लू
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