कुल्लू। जिले में दिवाली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने इष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और दीप जलाकर उत्सव मनाया।
लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की बधाई दी। वहीं दिवाली के मौके पर लोगों ने बाजार में खूब खरीदारी भी की। इसके साथ ही रातभर कुल्लू घाटी में आतिशबाजी की दौर चलता रहा। मंगलवार सुबह तक घाटी में पटाखों की गूंज सुनाई देती रही। लोगों ने मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ खूब पटाखे फोड़े और दीप जलाए।
गौरतलब है कि देवभूमि कुल्लू पर्व और त्योहारों को कुछ अलग अंदाज में मनाया जाता है। सबसे पहले लोगों ने अपने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। इसके साथ माता लक्ष्मी, भगवान गणेश की आरती उतारी गई। दीपों के पर्व को सभी समुदाय के लोगों ने खुशी के साथ मनाया। इस मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर तथा मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं दीं।
दिवाली पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने का दौर सोमवार को दिनभर लगा रहा। वहीं दीपावली पर कुल्लू के बाजारों में खूब रौनक देखने को मिली।
कुल्लू, भुंतर, बंजार और मनाली के बाजारों में दिनभर लोगों की भीड़ देखने को मिली। ढालपुर में सजी अस्थायी मार्केट में भी खरीदारी के लिए लोग उमड़े। दिवाली पर लोगों ने मिठाई, आभूषण, बर्तन और कपड़े आदि की खरीदारी की। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों की ओर से सामान पर छूट भी गई। खास बात यह रही कि हर बार प्रशासन की ओर से लोगों से ग्रीन दिवाली मनाए जाने की अपील की जाती थी लेकिन चुनाव के बीच इस बार आतिशबाजी पिछले साल के मुकाबले अधिक हुई।
इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दीपों का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। लोगों ने देवताओं से सुख-समृद्धि की कामना भी की है।