करशाला गांव में दिवाली के दिन अग्निकुंड जलाते देवता सत्य नारायण के देवलू। संवाद।
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कुल्लू। लगौटी पंचायत के करशाला गांव में पारंपरिक दिवाली उत्सव को धूमधाम से मनाया गया। देवता लक्ष्मी नारायण करशाला के सम्मान में मशालें जलाई गईं। इसके बाद में अग्निकुंड जलाया गया।
ढोल-नगाड़ों और शहनाई की स्वरलहरियों से पूरी घाटी गूंज उठी। सोमवार शाम को देवता के आदेश पर अग्निकुंड को जलाया गया। देवता के कारदार इंद्र सिंह, देवलू जगदीश ठाकुर, हीरा लाल तथा बंटी ठाकुर ने कहा कि दो दिवसीय करशाला दिवाली में घास के बनाए रस्से को गांव के लोग खींचते हैं और देवता के मंदिर के साथ एक खेत में तीन राउंड के बाद इस रस्से को तोड़ दिया जाता है। खास बात है कि घास के बनाए रस्से का मुख नाग की तरह बनाया जाता है।
देव परंपरा के अनुसार रस्से के सिर को देवता के पंडित को दिया जाता है जबकि बाकी रस्से को लोग आपस में बांटते हैं। इसे शुभ माना जाता है। इस दौरान ग्रामीण और देवलु देव नृत्य और भव्य नाटी डाली गई। इसके अलावा कुईंर में देवता ब्यास ऋषि के अलावा खुडीजल देहुरी और बिशल में बिशलूनाग के सम्मान में भी दिवाली पर्व मनाया गया।