कुल्लू जिले के आपदा प्रभावित 2186 परिवारों के खातों में डाली जाएगी राशि
635 परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट, 1551 के घरों को हुआ आंशिक नुकसान
गौरीशंकर
कुल्लू। आपदा में अपना घर खो चुके परिवारों के लिए सरकार ने 42 करोड़ की राहत भेजी है। यह धनराशि उन जिंदगियों को दोबारा बसाने की उम्मीद लेकर आई है जो मलबे के नीचे दब गई थीं।
दूसरी ओर, जमीनी हालात अभी भी चुनौतियों भरे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की टूटी-फूटी सड़कें निर्माण सामग्री को पहुंचाने में बाधा बनी रही हैं। कुल्लू जिले के 2186 प्रभावित परिवारों को प्रशासन के माध्यम से सहायता राशि दी जानी है। इनमें 635 ऐसे परिवार हैं जिन्होंने अपने घर पूरी तरह से गंवा दिए हैं। 1551 परिवारों के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जून और जुलाई में अलग-अलग क्षेत्रों में आई आपदा से प्रभावित ये परिवार अभी किराये के कमरे या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेकर रह रहे हैं।
इनके खातों में धनराशि भेजने का कार्य उपमंडल स्तर पर चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जिनके घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें एक लाख रुपये एकमुश्त दिए जा रहे हैं। पूरी तरह घर खोने वाले प्रभावित परिवारों को पहली किस्त के रूप से 4 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। उसके बाद 4 लाख और दिए जाएंगे।
निर्माण सामग्री पहुंचाना मुश्किल
सरकार भले ही प्रभावितों को घर बनाने के लिए सहायता राशि दे रही है लेकिन धरातल पर उनके लिए घर बनाना मुश्किल हो जाएगा। प्रभावित सारी भेखली के आलम चंद ने कहा कि उनके पास घर बनाने के लिए जमीन ही नहीं बची है। सरकार से मिलने वाली राशि से न तो जमीन खरीद सकते हैं और घर बनाना तो दूर की बात है। सैंज के बुधराम और यज्ञ दत्त ने कहा कि घाटी की सड़कें अभी भारी वाहनों के लिए नहीं खुली हैं। ऐसे में भवन निर्माण सामग्री पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
कहां, कितने प्रभावित
ब्लॉक पूर्ण क्षतिग्रस्त आंशिक क्षतिग्रस्त
मनाली 07 11
कुल्लू 145 478
बंजार 365 666
आनी 53 142
निरमंड 65 254
कुल 635 1551
जिले में आपदा से आंशिक और पूर्ण क्षतिग्रस्त घरों से प्रभावित हुए 2186 परिवारों को 42 करोड़ की सहायता दी जा रही है। यह धन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तरफ से दिया जा रहा है। प्रभावितों के खातों में यह सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया चल रही है। - डॉ. गणेश ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी