मरीजों की सुविधा को दोबारा छह माह के लिए बढ़ाया
अस्पतालों की इंपैनलमेंट की अवधि में किया फेरबदल
राजीव नैय्यर
कुल्लू। प्रदेश के निजी अस्पतालों में अब मरीजों को डायलिसिस की सुविधा 31 मार्च 2026 तक मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार निजी अस्पतालों की इंपैनलमेंट अवधि 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो गई थी।
ऐसे में मरीजों के निजी अस्पतालों में निशुल्क डायलिसिस नहीं होने थे लेकिन अब विभाग ने हिमकेयर के माध्यम से इस सुविधा को दोबारा छह माह के लिए बढ़ा दिया है। इससे मरीजों को फायदा मिलेगा और डायलिसिस के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर भी नहीं लगेंगे।
गौर रहे कि हिमकेयर के माध्यम से किडनी की बीमारी के मरीजों का डायलिसिस निशुल्क सरकारी और निजी अस्पतालों में किया जाता है लेकिन 30 सितंबर 2025 तक ही निजी अस्पतालों की इंपैनलमेंट की अवधि थी। ऐसे में डायलिसिस के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों की दिक्कतें बढ़ सकती थीं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा और उपचार को ध्यान में रखते हुए इंपैनलमेंट की अवधि में फेरबदल कर दिया है। इससे मरीजों को डायलिसिस के लिए न भटकना पड़ेगा और न ही अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। सरकार ही पूर्व की भांति मरीजाें के डायलिसिस का पूरा खर्च उठाएगी।
उधर, आयुष्मान भारत के समन्वयक धर्मपाल राणा ने कहा कि निजी अस्पतालों में मरीजों का हिमकेयर योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक डायलिसिस किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के निजी अस्पतालों की इंपैनलमेंट की अवधि को बढ़ा दिया है। यह निर्णय एक अक्तूबर 2025 से प्रभावी हो गया है। यह उन मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है। बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मरीजों का निजी अस्पतालों में डायलिसिस निशुल्क किया जाएगा।