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सूने पड़े मंदिरों में फिर लौटी रौनक

Thu, 29 Oct 2015 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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दशहरा उत्सव के दौरान घाटी में सात दिन तक वीरान पड़े मंदिरों में रौनक लौट आई है। अधिकतर देवी-देवता वीरवार को ही अपने देवालय पहुंच गए हैं, जबकि दूरदराज क्षेत्र के देवी-देवता भी आधे रास्ते तक पहुंच गए हैं। देवालय पहुंचते ही हारियानों ने देवी-देवताओं का फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। देवताओं के देवालय पहुंचते ही अब भक्तों में देवी-देवताओं को अपने घर बुलाने के लिए आमंत्रित करने की होड़ लग गई है। देवी-देवता भी भक्तों को चावल और सरसों के दाने देकर उनके घर जाने के दिन निर्धारित कर रहे हैं।
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माता भागा सिद्ध पीणी के पुजारी मोहर सिंह का कहना है कि देवी मां को घर बुलाने के लिए कई बुलावे आए हैं। कुछ बुलावे तो माता ने दशहरा उत्सव से पहले निपटा दिए हैं, जबकि अभी भी माता को बुलाने के निमंत्रणों का सिलसिला जारी है। देवता बनशीरा के पुजारी करतार का कहना है कि दशहरा उत्सव के दौरान ही भक्तों ने देवता को घर बुलाने के लिए निमंत्रण दिया है। उनका कहना है कि बुधवार को जैसे ही देवता अठारह करडू की सौह से देवालय की ओर निकले तो पहले बुलावे पर देवता भुंतर में एक भक्त के घर पहुंचे। आगामी संक्रांति तक देवता हर दिन भक्तों के घर बुलावे पर जाएगा। उन्होंने बताया कि मन्नतें पूरी होने पर भक्त देवी-देवताओं को अपने घर अक्सर बुलाते हैं। जिला देवी-देवता कारदार संघ के जिलाध्यक्ष दोत राम ठाकुर कहते हैं कि दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद भक्त देवी-देवताओं को अपने घर बुलाते हैं। उनके मुताबिक भक्त इन्हीं दिनों को चुनते हैं क्योंकि इस दौरान देवी-देवता अपने देव रथों में विराजमान होते हैं।
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