अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव खत्म होने के बाद देवालय लौटे जिलाभर के सभी देवी देवता अपने-अपने देवालय में विराजमान हो गए हैं। वहीं दूर सराज आनी-निरमंड से आए 12 देवी-देवता भी वीरवार को मंदिरों में पहुंच गए है। हालांकि इस दौरान कई देवताओं के लिए रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत के रूप में देउली का आयोजन किया गया। कुल्लू से बंजार बाया गाड़ागुशैणी होकर 150 किलोमीटर का लंबा सफर कर अपने देवालय देहुरी पहुंचे खुड़ीजल का ग्रामीणों ने देव परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया।
ग्रामीण महिलाओं ने विशेष वेशभूषा में सज कर धूपबत्ती से देवता का देवालय में पधारने पर स्वागत किया है। दो सप्ताह बाद देवालय पहुंचे खुड़ीजल से पूरी रघुपुर घाटी के लोगों में खुशी की लहर है। कारदार शेर सिंह ठाकुर, पुजारी शेर सिंह शर्मा तथा पूर्ण चंद शर्मा ने कहा कि 13 दिन बाद देवता खुडीजल दशहरा दौरे के बाद देवालय में विराजमान हो गए हैं। देवता के पधारने से बनाला, कोट, कांडीबाग, छलाच, फनौटी, करशाला, कोलथा, लोट, देहुरी तथा कमांद आदि ग्रामीणों ने खुशी जताई है।