खराहल (कुल्लू)। बनोगी गांव के देवता गिरमल 26 वर्ष के बाद धार्मिक नगरी मणिकर्ण में शाही स्नान के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान देवता के साथ माता दशमी वारदा और देवता पनाणू के चिह्न भी साथ गए हैं। वाद्ययंत्रों की थाप पर देवता वीरवार को बनोगी स्थित देवालय से निकले। देवता का पहला ठहराव आणी थाच में हुआ। देवता के शाही स्नान को लेकर हारियानों और कारकूनों में खुशी की लहर है।
देवता का अगला पड़ाव शुक्रवार को जरी के समीप डुंखरा में होगा। शनिवार को देवता मणिकर्ण पहुंचेंगे। देवता के कारदार ठाकर चंद कोटिया और पनाणू देवता के पुजारी सुरेश दरोगा ने कहा कि 26 साल बाद देवता शाही स्नान करेंगे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भी मणिकर्ण में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
देवता शाही स्नान के उपरांत विश्व के सबसे प्राचीन लोकतंत्र मलाणा गांव जाएंगे। वहां पर देव परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा, इसके बाद देवता देवालय लौटेंगे। देवालय लौटने पर देवता का हारियानों की ओर से स्वागत किया जाएगा। संवाद