मणिकर्ण घाटी के गांव चौहखी में चौहखी मांइणा मेला धूमधाम के साथ संपन्न हो गया। चौहखी गांव के आराध्य देवता चौहखी महादेव के अलावा मेले में बलाधी के देवता थान ने भी शिरकत की।
इस दौरान दोनों देवताओं का भव्य मिलन हुआ। इसके बाद दोनों देवताओं के गूरों ने देवखेल की। देवखेल के बाद देवनृत्य किया गया। देवनृत्य को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। देवता की सौह में पारंपरिक परिधानों में कुल्लवी नाटी भी डाली गई। इस दौरान वाद्य यंत्रों की धुनों पर युवाओं ने खूब ठुमके लगाए। चौहखी महादेव के कारकून टेढ़ी सिंह, डोला सिंह तथा केहर सिंह ने कहा कि यह मेला साल के सबसे अंत में मनाया जाता है।
इस मेले के बाद जिले के सभी मेलों पर विराम लग जाता है। इसके बाद जिले में मेले दियाली पर्व पर ही शुरू होते हैं। उन्होंने कहा कि चौहखी मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। मेले में आसपास के करीब एक दर्जन गांव के सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।