देवी देवताओं के महाकुंभ कहे जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में इस बार 227 देवी देवताओं ने शिरकत की है। दशहरा उत्सव समिति की ओर जिला के 305 देवी देवताओं को उत्सव के लिए न्यौता भेजा गया था, लेकिन इसमें 131 मुआफीदार देवताओं ने अपनी एंट्री करवाई। वहीं 96 गैर मुआफीदार देवताओं ने भी दशहरा उत्सव में अपनी हाजिरी लगाई। वहीं 200 किलोमीटर दूर से जिला के बाह्य सराज निरमंड के कुईकांडा नाग पहली बार दशहरा में भाग लेने पहुंचे है।
दशहरा उत्सव में आने वाले देवताओं की संख्या 227 हो गई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले अधिक है। गौर रहे कि कुछ सालों पर दशहरा उत्सव में जिला कुल्लू के 365 देवी देवता शामिल होते थे। धीरे-धीरे यह संख्या घटकर 250 के आसपास रह गई है। हालांकि दशहरा उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष पंजीकृत देवताओं को न्यौता भेजा जाता है। इधर दशहरा उत्सव में आए हुए देवी देवताओं के अस्थायी शिविरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है। लंका दहन के पश्चात सभी देवी देवता अपने देवालयों की ओर रवाना हो जाएंगे। जिला देवी देवता कारदार संघ के दोतराम ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव में शामिल होने को लेकर देवी देवताओं की अपनी परंपरा होती है। दशहरा उत्सव में देवता सालों से आते हैं।