लाहौल से संबंध रखने वाले सीबीआई के एसएसपी रिंगजिन उपासक ने कहा कि शिव लाल जैसे अध्यापक आज के दौर में बिरले ही मिलते हैं।
उपासक ने कहा कि शिव लाल आज लाहौल ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शिक्षकों के लिए प्ररेणा का स्रोत बन गए हैं। कंचन जंगा हीरो के नाम से विख्यात भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्नल प्रेम चंद ने भी शिव लाल को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि लाहौल जैसी विषम भौगोलिक परिस्थितियों में शिक्षा व्यवस्था पहले ही पट्टरी से उतर चुकी है। ऐसे में शिव लाल जैसे अध्यापक लाहौल घाटी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। कुल्लू में तैनात लाहौल से के रहने वाले तहसीलदार रघुवीर शासनी ने भी शिव लाल की जमकर तारीफ की है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बावजूद भी शिव लाल जिस मेहनत और लगन से नौनिहालों को शिक्षा मुहैया करवा रहे हैं, वे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के हकदार हैं।
उधर प्रदेश विश्वविद्यालय में तैनात सहायक प्रोफेसर डा. चंद्रमोहन परशीरा ने भी हैडमास्टर शिव लाल को अन्य शिक्षकों के लिए एक मिसाल बताया है। वहीं कुल्लू में रह रहे लाहौलियों ने भी प्रदेश सरकार से शिक्षक शिव लाल का नाम राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए अनुमोदित करने के लिए आग्रह किया है।