देवभूमि विकलांग संघ की उपशाखा नग्गर खंड की त्रैमासिक बैठक रविवार को हुई। अध्यक्षता प्रधान अमर चंद प्रेमी ने की। इस दौरान संगठन की सालभर की आय-व्यय का ब्योरा पेश किया गया।
वहीं, विकलांगों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। विकलांग संघ ने मांग की कि 1995 के अंतर्गत बैकलॉग कोटा विभिन्न विभागों में रह गया है, जिसे तुरंत भरा जाए। हिमाचल पथ परिवहन निगम की नई बसों में विकलांगों को नहीं बैठाया जा रहा है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है। इन बसों में पास मान्य करने, हिमाचल प्रदेश चयन बोर्ड की ओर से की जा रही भर्तियों में तीन प्रतिशत कोटा विकलांगों को देने, 40 से 69 प्रतिशत तक के विकलांगों की अपंग पेंशन 600 से बढ़ाकर 800 रुपये करने तथा 70 से 100 प्रतिशत के विकलांगों की पेंशन 1100 से बढ़ाकर 1400 रुपये करने की मांग उठाई। इसके अलावा विकलांगों को शादी विवाह पर मिलने वाले अनुदान की राशि में वृद्धि करने, स्कूलों में लगे अंशकालीन जलवाहकों को 1500 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि बजट में 1700 रुपये का प्रावधान किया गया है।
कुल्लू जिले को छोड़कर बाकी जिलों में 1700 रुपये वेतन दिया जा रहा है। इसे बढ़ाकर 1700 रुपये करने, विकलांगों के तीन प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने की भी मांग की गई। इस दौरान देवभूमि विकलांग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल पुजारी, सचिव ख्याल सिंह, उषा देवी, चुन्नी लाल, मूरत राम, ईशरी, प्रेम चंद, महिंद्र सिंह, टेकू, योगराज, मूल्लू राम, धर्मचंद, रीतू देवी, स्वर्णा देवी, वेद राम, हीरालाल, ढाले राम, बीना देवी, रामदास, वीर सिंह, प्यारे लाल, राजेंद्र, होतम राम, बुध राम, विमला देवी, प्रेमचंद, तीर्थ राज, श्यामा देवी, ज्ञान चंद, बाला राम, रामकली, चनदासी, मोहर सिंह, किरणा देवी, जितेंद्र ठाकुर, निहाल सिंह, प्यारू राम आदि मौजूद रहे।