एलपीएस की समीक्षा में खुलासा, जानकारी के अभाव में फर्जी बीज ले रहे उत्पादक
सभा ने किसान सदस्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर तेज किया संपर्क अभियान
चेयरमैन सुदर्शन ने फर्जी बीज की समस्या पर जताई गंभीर चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल आलू विपणन सहकारी सभा (एलपीएस) ने किसान सदस्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर संपर्क अभियान तेज कर दिया है।
एलपीएस के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि बैठकों में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ वर्षों से घाटी में उत्पादित सत्यापित कुफरी ज्योति और कुफरी चंद्रमुखी बीज आलू की मांग में लगातार गिरावट आई है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि किसानों को मजबूरन कुफरी चंद्रमुखी किस्म का उत्पादन बंद करना पड़ा।
सहकारी सभा की समीक्षा में खुलासा हुआ कि कुछ व्यापारी किसानों को सस्ते दाम पर फर्जी बीज उपलब्ध करवा रहे हैं। जानकारी के अभाव में किसान अवैध स्रोतों से बीज खरीद लेते हैं। इस कारण तैयार बीज आलू गुणवत्ता पर खरा नहीं उतरता। नतीजतन, लाहौल के बीज आलू की देशभर में पहचानी जाने वाली साख पर असर पड़ा है। मांग में भी गिरावट आई है।
एलपीएस ने किसानों से अपील की है कि वे केवल कृषि विभाग की ओर से प्रमाणित बीज ही खरीदें। सहकारी सभा ने आश्वासन दिया है कि वह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को कृषि विभाग की ओर से पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए। सभा में किसानों ने संताना कंपनी की ओर से भुगतान में की जा रही देरी और आनाकानी का मुद्दा भी उठाया। एलपीएस ने विश्वास दिलाया कि सदस्य किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। आगामी कार्रवाई तय की जा रही है। एलपीएस चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि सहकारी सभा किसानों के साथ खड़ी है। लाहौल के बीज आलू की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को पुनः बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।