बारिश के बाद आई खरीदारी में तेजी, नर्सरी संचालकों के पास पहुंच रहे बागवान
जिले के नर्सरी संचालकों के पास पड़ा था लाखों के पौधों का स्टॉक
मांग बढ़ने से राहत, 100 से 200 रुपये तक बिक रहा है एक पौधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बारिश के बाद कुल्लू की नर्सरियों में सेब, नाशपाती, प्लम और जापानी फल के पौधों में तेजी आ गई है। एकाएक नर्सरी में तैयार नए पौधों की मांग बढ़ गई है। पौधों की मांग बढ़ने से नर्सरी संचालकों ने राहत की सांस ली है। अब तक नर्सरी संचालकों के पास लाखों के पौधों का स्टॉक डंप पड़ा था।
दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक नर्सरी का स्टॉक 10 फीसदी ही बिक सका था। अब प्रदेश के कई जिलों से नर्सरी संचालकों के पास ऑर्डर आ रहे हैं। हालांकि, 100 से लेकर 200 रुपये तक एक पौधा बागवानों को मिल रहा है।
कुल्लू की नर्सरियों में सेब, प्लम और जापानी फल आदि के करीब 19 लाख पौधे थे। इनमें अब तक करीब चार से पांच लाख पौधे बिक चुके हैं। अन्य पौधे बिकना अभी बाकी हैं। फरवरी से पहले ही बागवान पौधों की खरीद पूरी कर लेंगे। कुल्लू जिले के बागवान अब पौधों की खरीद के लिए नर्सरी संचालकों के पास जा रहे हैं। बागवानी विभाग की उद्यान विकास फल परियोजना में ही 40,000 से अधिक पौधे बिक चुके हैं। इनमें सेब के पौधे खरीदने वाले कुल्लू जिला के ही बागवान हैं।
गौर रहे कि जिले के रायसन से लेकर सेउबाग, हुरला, थरास, बजौरा, मौहल आदि क्षेत्रों में नर्सरियाें में लाखों पौधे तैयार हैं। कुल्लू जिले के हुरला में शर्मा नर्सरी के विक्रेता बनवारी लाल शर्मा ने कहा कि पौधों की मांग अब दोगुना हो गई है।
बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बागवान पौधों की खरीद पर नर्सरी विक्रेता से बिल जरूर लें। नर्सरी विक्रेता को संबंधित वैरायटी का नाम भी पौधों के बंडल पर लिखने को कहा गया है।
बागवानी विभाग ने अब तक बजौरा में 40,000 से अधिक पौधों का वितरण किया है। बागवानी विभाग मांग के अनुसार पौधे वितरित कर रहा है। यह सिलसिला पौधे समाप्त होने तक जारी रहेगा।
- रोशन आनंद, विषयवाद विशेषज्ञ, उद्यान फल विकास परियोजना