कुल्लू। बल्ह पंचायत में आयोजित दो दिवसीय पिरड़ी-शारनू मेले का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ समापन हो गया। देवता वीरनाथ गौहरी ने पिरड़ी महादेव से विधिवत विदाई ली और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के बाद अपने ढालपुर स्थित देवालय लौट गए।
देवता वीरनाथ गौहरी के कारदार राजकुमार ने बताया कि पिरड़ी-शारनू मेला क्षेत्र की वर्षों पुरानी देव परंपरा का प्रतीक है। मेले में देवता वीरनाथ गौहरी प्रत्येक वर्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक देव रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के निर्वहन के बाद देवता वीरनाथ गौहरी अपने ढालपुर स्थित देवालय पहुंच गए है। संवाद