नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र में 1,100 मरीजों का पंजीकरण, महिलाएं भी शामिल
विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे काउंसलिंग, उपचार के लिए भर्ती किए जाते हैं मरीज
प्रदेश के पहले नशा निवारण केंद्र में एकसाथ होती है महिला-पुरुषों की काउंसलिंग
राजीव नैय्यर
कुल्लू। तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले लोग नशे की लत को छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों का रुख कर रहे हैं। तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करने वालों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल हैं।
नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र भुंतर (कुल्लू) में 1,100 मरीजों का पंजीकरण किया गया है। महिलाएं का नाम भी सूची में शामिल हैं। जिले के प्रवेश द्वार भुंतर स्थित केंद्र में इनका उपचार किया जा रहा है। गौर रहे कि प्रदेश का यह पहला केंद्र हैं, जिसमें पुरुषों और महिलाओं का उपचार और काउंसलिंग होती है। साथ ही मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया जाता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो शराब और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के अलावा तंबाकू का सेवन करने वाले लोग (व्यस्क और युवा) कम नहीं हैं। इनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है। तंबाकू उत्पादों में कई प्रकार का नशा शामिल है। इसमें सिगरेट तंबाकू, रोल-योर-ओन तंबाकू, धूम्र रहित तंबाकू, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, सिगार, हुक्का, पाइप तंबाकू, निकोटीन जेल और घुलनशील पदार्थ मुख्य हैं। इनका सेवन वर्तमान में अधिक किया जा रहा है। नशे के अलावा तंबाकू उत्पादों की लत में पड़ चुके मरीजों का उपचार स्वास्थ्य विभाग के नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र में किया जा रहा है। नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यव्रत वैद्य ने कहा कि तंबाकू उत्पादों की जद में आए मरीजों की 1,100 के पार है। इनमें महिला और पुरुष दोनों वर्गों के मरीज हैं। तंबाकू उत्पादों का सेवन और ब्रिकी रोकने के लिए मरीज और तीमारदार की बेहतर तरीके से काउंसलिंग जरूरी है। लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित तौर पर जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इनमें कोटपा (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 के बारे में जानकारी दी जा रही है। संवाद