तीन लोगों को बहा ले गया एनएचपीसी की जल विद्युत परियोजना चरण दो के बरशैणी बांध का पानी
उपायुक्त ने एक दिन पहले ही पानी छोड़ने से पहले पंचायतों-प्रशासन को सूचना देने के निर्देश
बांध से अचानक पानी छोड़ने पर एकाएक बढ़ गया नदी का जल स्तर, क्षेत्र में अफरा-तफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला प्रशासन के आदेशों को परियोजना प्रबंधन ने दूसरे दिन ही ठेंगे पर रख दिया। एक दिन पहले ही उपायुक्त ने परियोजना प्रबंधन और अधिकारियों को आदेश दिए थे कि प्रोजेक्ट के बांधों से पानी छोड़ने से पहले जनता को सूचना देना सुनिश्चित करें।
प्रशासन के इन आदेशों के दूसरे ही दिन मणिकर्ण घाटी में एनएचपीसी की जल विद्युत परियोजना चरण दो के बरशैणी में बने बांध से पानी छोड़ दिया गया। इसकी न तो लोगों को सूचना मिली और न ही किसी तरह का हूटर बजाया गया। ऐसे में वीरवार दोपहर बाद अचानक बांध से पानी छोड़ने पर नदी का जल स्तर एकाएक बढ़ गया। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान तीन लोग भी पानी की चपेट में आ गए। ये नदी के किनारे से बाहर नहीं निकल पाए। हालांकि, इनमें एक व्यक्ति टापू में फंसने के कारण बच गया है, लेकिन दो नदी में बह गए हैं। ऐसे में परियोजना प्रबंधन की लापरवाही दो जिंदगियों पर भारी पड़ गई। अब देखना है कि परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
प्रशासन, पंचायतों को सूचित करने के दिए थे निर्देश
उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने एक दिन पहले ही अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले के सभी बांधों से पानी छोड़ने से पहले प्रशासन और पंचायतों को समय रहते सूचित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही लोगों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए हूटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सूचना देने को कहा था। उन्होंने पंचायतों, आपदा मित्रों तक जानकारी समय पर पहुंचाने के लिए भी उचित कदम उठाने को कहा था।
हर बार होती रही है प्रशासन के आदेशों की अनदेखीजिले में बने बिजली प्रोजेक्ट के बांधों से बिना सूचना दिए पानी छोड़ने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे हादसे हुए हैं, बावजूद इसके कोई सबक लेता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, प्रशासन भी समय-समय पर परियोजना प्रबंधकों को आदेश देता रहा है, लेकिन ये आदेश परियोजना प्रबंधन हमेशा अंदेशा करता आया है।
आशंका... कसोल में नदी किनारे उतरे और बह गए
पार्वती नदी में बहे लोगों के कसोल में नदी में उतरने की आशंका है। इस कारण ये लोग नदी में बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गए हैं। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पार्वती नदी में जो लोग बहे हैं, वे किस जगह पानी की चपेट में आए हैं। इसको लेकर मणिकर्ण पुलिस मामले की जांच कर लोगों से पूछताछ कर रही है।