कुल्लू में राष्ट्रसीय टीकाकरण के संबंध में बैठक की अध्यक्षता करती उपायुक्त कुल्लू।
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कुल्लू। राष्ट्रीय टीकाकरण एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो बच्चों को आरंभ में ही गंभीर बीमारियों से बचाता है। इस कार्यक्रम को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करना चाहिए, जिससे जिले में कोई भी बच्चा टीकाकरण की सुविधा से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि प्री-नर्सरी अथवा पहली कक्षा में प्रवेश के दौरान अभिभावकों को अपने बच्चे का टीकाकरण प्रमाणपत्र दर्शाना होगा। यह प्रमाणपत्र बच्चे की एक वर्ष आयु पूरी होने पर संपूर्ण टीकाकरण के उपरांत संबंधित स्वास्थ्य उपकेंद्र से प्राप्त किया जा सकता है। बच्चे का पासपोर्ट बनवाने के लिए भी टीकाकरण प्रमाण पत्र जरूरी है। उपायुक्त कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा बुधवार को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए गठित जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। उन्होंने जिले में 88 प्रतिशत टीकाकरण की उपलब्धि पर असंतोष जताते हुए कहा कि शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हर हालत में सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास परियोजना विभागों को मिलकर एक सुनियोजित कार्य नीति तैयार कर विशेष अभियान के अलावा अन्य दिनों में छूटे हुए शिशुओं का टीकाकरण करना होगा, तभी प्रत्येक बच्चा स्वस्थ और रोग मुक्त हो सकेगा। विटामिन-ए की खुराक सभी बच्चों के लिए जरूरी है। पांच वर्ष की आयु तक कुल नौ खुराकें दी जाती हैं। 16 माह की आयु के बाद विटामिन-ए की दूसरी खुराक दी जानी चाहिए और इसके बाद छह माह के अंतराल में कुल सात खुराक दी जाती हैं।
स्कूलों में लड़कियों को सैनेटरी नेपकिन उपलब्ध करवाएं विभाग
डॉ. ऋचा वर्मा ने राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम के तहत स्कूलों में लड़कियों को सेनेटरी नेपकिन के वितरण को लेकर शिक्षा विभाग को कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं को सेनेटरी नेपकिन प्रदान किए जा रहे हैं, लेकिन स्कूलों में लड़कियों को प्राप्त नहीं हो रहे हैं जो चिंताजनक है। उन्होंने उपनिदेशक उच्च शिक्षा को निर्देश दिए कि सभी उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में एक-एक अध्यापिका को नोडल अधिकारी नियुक्त कर यह सुनिश्चित करें कि छात्राओं को हर महीने सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध हों।