घरद्वार पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शुक्रवार को जिला के बाह्य सराज आनी उपमंडल के गांव दलाश में जिला स्तरीय प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त यूनुस की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि फील्ड में जाकर जनसमस्याओं का निवारण और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार ने भी इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला मुख्यालय से दूर आउटर सिराज क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान और उनसे सीधे संवाद के लिए वह नियमित रूप से इस इलाके का दौरा करेंगे। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत दलाश, तलूणा, ब्यूंगल, डिंगीधार, कुठेड, पलेही और इनके साथ लगती पंचायतों के लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, फॅारेस्ट क्लीयरेंस, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित करीब 300 मामले अधिकारियों के ध्यान में लाए जिनमें से 265 का मौके पर निपटारा किया गया तथा शेष को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निपटारे को कहा गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अन्य मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने दलाश बाजार के लिए दो शौचालय भी मंजूर किए और पंचायत से इनके लिए तुरंत जमीन उपलब्ध करवाने की अपील भी की।
उन्होंने दलाश पंचायत को ठोस व तरल कचरा प्रबंधन परियोजना के अधीन लाने की घोषणा की। उन्होंने एक बुजुर्ग के इलाज के लिए जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से पांच हजार रुपये स्वीकृत किए। इस मौके पर राजस्व विभाग द्वारा डेढ़ दर्जन प्रमाणपत्र और 25 एफीडेविट बनाए गए। एक दर्जन रजिस्ट्री व इंतकाल भी किए गए। इस मौके बागवानी विभाग द्वारा 30 बागवानी कार्ड भी जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि 22 नवंबर को आनी तथा 23 को निरमंड में विकलांगों को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। दलाश पंचायत के प्रधान मोहर सिंह ने उपायुक्त का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम डॉ सीएल चैहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।