मनाली के नेहरूकूंड पुल के नीचे ड्रेर्जिंग करने में जुटी मशीनरी।-संवाद
कुल्लू। मूसलाधार बारिश ने जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। बिजली, पानी और सड़कों के बंद होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जिले में करीब 300 गांवों में दो दिन से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। तारों के टूटने से बिजली गुल हो गई है। बिजली बोर्ड लाइनों को दुरुस्त करने में जुटा है।
सबसे अधिक नुकसान सैंज के शैंशर, शांघड और न्यूली, मनाली के वशिष्ठ एवं बुरुआ तथा कुल्लू की मणिकर्ण घाटी से मलाणा तक हुआ है। बंजार से लेकर मनाली तक अभी भी बिजली के 138 ट्रांसफार्मर ठप हैं। पेयजल की 82 योजनाएं बारिश से लड़खड़ा गई हैं। शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पीने के पानी के लिए हाहाकार है। लोग प्राकृतिक स्रोतों के साथ नालों और बावड़ियों से पानी ढोने को विवश हैं। लोक निर्माण विभाग ने 66 में से 28 सड़कों को बहाल कर दिया है।
38 सड़कों की बहाली का कार्य चल रहा है। मणिकर्ण के जरी से मलाणा को जोड़ने वाला मार्ग बुरी तरह से तहस नहस हो गया है। कुछेक जगहों पर भारी भूस्खलन के कारण 100 मीटर तक सड़क को नामोनिशान ही मिट गया है। मलाणा सड़क को बहाल करने में पांच से छह माह का समय लग सकता है। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। मौसम ने साथ दिया तो दो से तीन दिनों में जिले में जनजीवन पटरी पर लौट आएगा। संवाद