कुल्लू। आधुनिकता के दौर में सिंथेटिक नशे का प्रचलन बढ़ रहा है। यह खतरनाक है। इस नशे से युवाओं को बचाने की जरूरत है। सरकारी तथा निजी स्तर पर नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र पर्याप्त नहीं हैं। जो केंद्र संचालित हो रहे, उनमें तकनीक और सुविधाओं का अभाव है। युवाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक तौर पर कार्यक्रम तथा जागरूकता शिविर लगाने की जरूरत है।
यह बात हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने कही। समिति की जिला इकाई की बैठक रविवार को कुल्लू में हुई। जिला सचिव ब्रिखमु नेगी ने राज्य नेतृत्व तथा सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई गई। सत्यवान पुंडीर ने नशे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सदस्यों को जागरूक किया।
कहा कि उत्सुकता तथा नशे के दुष्प्रभावाें से अनभिज्ञ होने के कारण युवा गलत संगत में फंस रहे हैं। उपाध्यक्ष जियानंद शर्मा ने शिक्षा नीति के जन विरोधी पहलुओं पर कार्य करते हुए स्कूलों के माध्यम से उपयुक्त हस्तक्षेप करने की जरूरत पर बल दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. आरके शर्मा, कोषाध्यक्ष भीम सिंह, देसराज, धनवंत नेगी, प्रोमिला, नील चंद ठाकुर आदि मौजूद रहे। संवाद