कुल्लू। अगले वर्ष एक-दूसरे से फिर मिलने का वादा कर दशहरा से देवताओं ने देवालयों के लिए प्रस्थान कर दिया। दशहरा के समापन पर देवता एक दूसरे से गले मिले। कुल्लू दशहरा में देवताओं की मौजूदगी से सात दिन माहौल भक्तिमय रहा। लोगों ने भारी संख्या में ढालपुर मैदान आकर देवताओं का आशीर्वाद लिया। इस साल 15 से 21 अक्तूबर तक दशहरा उत्सव मनाया गया। सात दिनों तक जिला मुख्यालय देवताओं के आने से स्वर्ग लोक की तरह नजर आया। सप्ताह भर परंपरा का निर्वहन करने और एक-दूसरे से मिलने के लिए ढोल-नगाड़ों की थाप पर शिविरों में आते-जाते रहे। वीरवार को लंका दहन के बाद सभी देवी-देवता अगले वर्ष मिलने का वादा कर लौट गए।