पतलीकूहल (कुल्लू)। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर दुआड़ा गांव स्थित आराध्य भगवान विष्णु के प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर भगवान विष्णु की प्रतिमा को पारंपरिक मोहरों से भव्य रूप से सजाया गया। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही।
स्थानीय परंपरा के अनुसार दुआड़ा गांव के आराध्य भगवान विष्णु की दुआले स्थित मंदिर में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर प्रतिमा को विशेष रूप से मोहरों से सजाया जाता है। इस परंपरा का वर्षों से निर्वहन किया जा रहा है। बुजुर्गों के अनुसार इस परंपरा को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से पूर्व भगवान विष्णु द्वारा माता देवकी को विराट स्वरूप के दर्शन कराने की मान्यता से जोड़कर देखा जाता है। इसी मान्यता के चलते जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा को विशेष रूप से सजाने की परंपरा निभाई जाती है। संवाद