कुल्लू। बजौरा में मल्टी स्पेशलिटी आयुष अस्पताल के भवन पर करोड़ों खर्च कर उसे लावारिस छोड़ दिया है। न सरकार और न ही प्रशासन, आयुष विभाग सुध ले रहे हैं। 9 और 10 जुलाई 2023 की आपदा में भवन के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। साथ में बह रही ब्यास की बाढ़ ने एक तरफ के भवन को झुका दिया है।
उसके बाद भवन का कार्य पूरा नहीं किया गया। इस भवन पर करीब 10.35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भवन के बनने से यहां 50 बिस्तरों के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधाएं मिलनी हैं। साथ ही केरल की तर्ज पर पंचकर्म पद्धति से इलाज होना है। 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आयुर्वेदिक अस्पताल की आधारशिला रखी थी। ब्यास के किनारे बन रहा मल्टी स्पेशलिटी आयुष अस्पताल 2023 के बाद 2025 में भी उफनती ब्यास की चपेट में आया।
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आधुनिक तकनीक से लैस आयुष अस्पताल बनने से कुल्लू जिले के साथ मंडी, लाहौल, पांगी के लोगों को भी लाभ मिलेगा। अस्पताल का इंतजार लंबा हो गया है। पहले से ही अस्पताल को तैयार होने में कई साल लग गए और अब तीन वर्षाें से तो एक ईंट तक नहीं लग पाई है। अस्पताल में परिसर की खाली जमीन पर हर्बल गार्डन बनाने की भी योजना है। जगदीश ठाकुर, पुरुषोतम शर्मा, हीरा लाल, मान सिंह, निका राम और दलीप सिंह ने कहा कि अस्पताल जल्द बनना चाहिए।
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सरकार काे बजौरा आयुष अस्पताल की जो भी प्रक्रिया है, उसे जल्द पूरा करना चाहिए। आयुर्वेद के क्षेत्र में यह अस्पताल लोगों को सुविधा प्रदान करेगा। सरकार को गंभीरता से इस पर काम करना चाहिए।
-खुशाल ठाकुर, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर एवं भाजपा नेता
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मल्टी स्पेशलिटी आयुष अस्पताल का निर्माण ठप होना सरकार की नाकामी है। लोगों को इस अस्पताल का पूरा होने का बेसब्री से इंतजार है। लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है लेकिन आपदा से क्षतिग्रस्त आयुष अस्पताल भवन का कोई सुध नहीं ले रहा है।
-रूचिन चौहान, प्रदेश सचिव भाजयुमो
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