गत वीरवार को हुए ताजा हिमपात के बाद बुधवार को रोहतांग दर्रा फिर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया। पांच दिनों तक लाहौल-स्पीति के लोगों का शेष विश्व के साथ संपर्क कटा रहा। जानकारी के अनुसार बुधवार चार बजे के करीब बीआरओ के जवानों ने मशीनरी लेकर कड़ी मशक्कत के साथ रोहतांग दर्रे से बर्फ को हटाकर बहाल करने में कामयाबी हासिल की है। रोहतांग दर्रा खुलते ही लाहौलवासियों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को रोहतांग खुलते ही दर्जनों वाहन दर्रे से आरपार हुए। मार्ग बहाल होते ही लाहौल और कुल्लू में फंसे लोग आरपार हुए। सीमा सड़क संगठन 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि बुधवार चार बजे रोहतांग मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया है। उन्होंने बताया कि गत दिन ही मार्ग बहाल होना था, लेकिन तीन-चार फुट सख्त बर्फ की चादर को सड़क से हटाने में समय लगा।
उन्होंने बताया कि तेज हवा के चलते बर्फ हटाने में दिक्कतें आई हैं। उन्होंने लाहौल जाने वाले वाहन चालकों से समय पर स्थापित चौकी में एंट्री करवाने के साथ जाने की अपील की है। वहीं, कोकसर रेस्क्यू दल के इंचार्ज लुदर सिंह ने बताया कि रोहतांग बहाल हुआ है। लेकिन, तापमान में भारी गिरवाट आने से सड़क पर फिसलन है और रोहतांग मार्ग पर जाना किसी खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार को दर्जनों वाहन आरपार हुए हैं।