विजिलेंस ब्यूरो ने बस्तोरी पंचायत के एक तकनीकी सहायक को मंगलवार दोपहर पांच सौ रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा। विजिलेंस ने केस दर्जकर तकनीकी सहायक को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी सिंचाई टैंक का मस्टरोल बनाने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार रिश्वत के इस मामले को लेकर विजिलेंस को पहले ही शिकायत मिली थी। इसी के तहत विजिलेंस कुल्लू कार्यालय के इंस्पेक्टर दोरजे राम की अगुवाई में सब इंस्पेक्टर प्रशांत सिंह, सुनील और राजेश ने बस्तोरी पंचायत के तकनीकी सहायक चमन लाल को ढालपुर मैदान में घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
विजिलेंस कुल्लू के एएसपी एनके शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि बस्तोरी पंचायत के तकनीकी सहायक ने बस्तोरी गांव के लज्जे राम से सिंचाई टैंक का मस्टरोल बनाने की एवज में यह राशि मांगी थी। लज्जे राम को मनरेगा के तहत सिंचाई टैंक स्वीकृत हुआ था। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहायक को कोर्ट में पेश करने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। विजिलेंस कड़ी पूछताछ कर रही है। तकनीकी सहायक पर विजिलेंस का शिकंजा कस जाने से घाटी में हड़कंप मच गया है। एएसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पर विजिलेंस अपनी पैनी नजर रखे हुए हैं।