पतलीकूहल क्षेत्र के दुर्गम गांव जाणा गांव में बुधवार देर शाम काष्ठकुणी शैली के मकान में लगी आग में तीन साल के बच्चा जिंदा जल गया। अभी तक आगजनी का कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। एएसपी ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस के मुताबिक जाणा गांव में किरपा राम के मकान में अचानक चिंगारी सुलग उठी। जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस ढाई मंजिला काष्ठकुणी शैली के स्लेटपोश मकान से धुआं उठता देख जाणा गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि दमकल विभाग को फोन किया गया, लेकिन तीस किलोमीटर दूर मनाली से दमकल विभाग के फायर फाइटरों को पहुंचने में कुछ समय लगा।
उनके पहुंचने तक लोग अपने स्तर पर पावर स्प्रे और बाल्टियों से मकान की आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। वहीं लोगों के शोर के बीच मकान के अंदर आग में घिरे तीन साल के मासूम नीतिन की चीख पुकार कोई नहीं सुन पाया। लिहाजा आग पर नियंत्रण पाने के बाद नीतिन की जली लाश देखकर ही इस बात का पता चल पाया।
एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी का कहना है कि पुलिस ने केस दर्ज कर आगजनी के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। एसडीएम रोहित ने बताया कि प्रभावितों को तय नियमावली के तहत ही राहत राशिा दी जा रही है। इस घटना के बाद लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लोगो की मांग को गंभीरता से लेते हुए पतलीकूहल में फायर स्टेशन खोला होता तो शायद समय रहते मासूम नीतिन की जान बच जाती और आगजनी के नुुकसान को कम किया जा सकता था।