कसोल स्थित वन विश्राम गृह में उपायुक्त एवम् सह-अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, कुल्लू सुरजीत सिंह राठ
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री और वितरण से जुड़ी किसी भी सूचना को पुलिस या संबंधित विभागों के साथ साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यह बात उपायुक्त एवं सह-अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने शनिवार को कसोल में नशा निवारण समिति की बैठक में कही।
कसोल स्थित वन विश्राम गृह में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस सहित वन विभाग, राज्य कर एवं आबकारी, पर्यटन, स्वास्थ्य और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अलावा पंचायती राज संस्थाओं, होटल एवं होम-स्टे संचालकों, महिला एवं युवा मंडलों तथा अन्य सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में मणिकर्ण-कसोल घाटी में मादक पदार्थों के अवैध सेवन, बिक्री, तस्करी और वितरण पर रोक लगाने के उपायों पर चर्चा की गई। बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के बीच क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों पर भी मंथन हुआ। विशेष रूप से अवैध और अनधिकृत म्यूजिक पार्टियों तथा अन्य आयोजनों में मादक पदार्थों के सेवन और उपलब्धता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी रोकथाम पर जोर दिया गया।
होटल और होम-स्टे संचालकों को सी-फॉर्म भरने की अनिवार्यता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों और स्थानीय हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नियमित सूचना साझा करने की व्यवस्था विकसित करने पर भी सहमति बनी। हितधारकों ने कसोल-मणिकर्ण को नशामुक्त, सुरक्षित, स्वच्छ और जिम्मेदार पर्यटन के आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई। संवाद