कुल्लू। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, पक्षपात, राजनीतिक घुसपैठ, आर्थिक एवं सामाजिक दबावों के चलते निम्न एवं मध्यवर्गीय व्यक्ति के असहाय चरित्र को चंडीगढ़ के कलाकारों ने उद्घाटित किया। राष्ट्रीय नाट्योत्सव की दूसरी संध्या में संवाद थियेटर ग्रुप चंडीगढ़ के कलाकारों ने डॉ. शंकर शेेश के लिखित नाटक ‘एक और द्रोणाचार्य’ का प्रभावशाली मंचन मुकेश शर्मा के निर्देशन में किया।
नाटक में गुरु द्रोणाचार्य के जीवन प्रसंगों की संवेदनशील झलकियां प्रस्तुत की गईं। नाटक की कहानी दो स्तरों पर चलती है। एक तरफ द्रोणाचार्य जो अपमान का बदला लेने और अपनी गरीबी से निजात पाने के लिए कौरवों और पांडवों का आचार्य बनता है। इसमें दिखाया गया कि कैसे वे कदम दर कदम समझौता करता जाता है। दूसरी तरफ प्रो. अरविंद जो हालात के साथ गुरु द्रोण की तरह समझौता करता दिखाया गया। नाटक में गुरु द्रोण की पत्नी कृपी है और अरविंद की पत्नी उन्हें उनकी गरीबी का एहसास करवाती रहती है।
नाटक में अरविंद शर्मा, रजनी बजाज, नीरज, अनामिका, कमल भारद्वाज, राजन अरोड़ा, हिमांशी राजपूत, सौरभ आचार्य, हनी शर्मा, कृष्णा भट्ट, रमा रानी त्रिपाठी, प्रवीण, सुशांत आदि कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। नाट्योत्सव की दूसरी संध्या में एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। संवाद