बीपीएल और एनएफएस कार्डधारकों को नहीं मिल पाया आटा, परेशानी में उपभोक्ता
बार-बार डिपुओं के चक्कर काट रहे, नेताओं को भी नहीं दिख रही परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अप्रैल का महीना बीता, अब मई भी आधा बीत गया है लेकिन सरकारी डिपुओं में उपभोक्ताओं को आटा नहीं मिल पाया है। आटे के लिए उपभोक्ताओं को बार-बार डिपुओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दामों पर आटा खरीदना पड़ रहा है। डिपुओं में आटा मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हैरानी की बात है कि लोकसभा चुनाव के बीच नेता वोट मांगने तो आ रहे हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी नहीं दिख रही है। डिपुओं में डेढ़ महीने से आटा न मिलने को लेकर उपभोक्ताओं में सरकार और विभाग के प्रति रोष है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत किफायती दरों में डिपुओं में बीपीएल और एनएफएस के तहत कार्डधारकों को आटा मुहैया करवाया जाता है। यह आटा उन्हें डिपुओं में नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि गेहूं की खेप आटा मिलों के पास पहुंची है, इसके बावजूद उपभोक्ताओं को आटा न मिलने का कारण समझ नहीं आ रहा है। एपीएल परिवारों को आटे की नियमित सप्लाई मिल रही है।
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जिन डिपुओं में आटा नहीं मिल रहा है, उन्हें जल्द ही आटा उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता आटा ले सकेंगे।
-शिवराम, जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग
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सरकार व्यवस्था परिर्वतन की बात करती है लेकिन जरूरतमंद परिवारों को आटा न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। डेढ़ महीने से उन्हें आटा न मिलने के चलते परेशान होना पड़ा है। सरकार और विभाग जल्द आटा उपलब्ध करवाए।
-जितेंद्र ठाकुर, गांव घराकड़, जिला कुल्लू
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डिपुओं में मिलने वाले राशन की सप्लाई नियमित नहीं है। कभी उपभोक्ताओं को आटा नहीं मिलता, तो कभी दालें। गरीब परिवार डिपुओं से मिलने वाले राशन से अपना पूरा महीना चलाते हैं। इसलिए डिपुओं में मिलने वाली राशन की सप्लाई को नियमित किया जाए।
-टहल सिंह, गांव घराकड़, जिला कुल्लू
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