भ्रैण पंचायत के ओझरी गांव की महिलाएं उपायुक्त कुल्लू से समस्या बतातीं हुई। संवाद
कुल्लू। ग्राम पंचायत भ्रैंण के ओझरी गांव की दुग्ध उत्पादक महिलाएं तीन महीने से भारी परेशानियों का सामना कर रही हैं। उन्हें दूध निजी वाहन के माध्यम से करीब 6 किलोमीटर दूर छमाहण तक भेजना पड़ रहा है। इसके लिए प्रति लीटर 2 रुपये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इससे महिलाओं को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। समस्या को लेकर वीरवार को गांव की महिलाएं उपायुक्त कुल्लू से मिलीं और अपनी व्यथा रखी।
निवर्तमान जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया की अध्यक्षता में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2022 से श्री गोवर्धन सोसायटी को दूध दिया जा रहा है। सरकारी वाहन गांव से ही दूध एकत्रित कर ले जाता था। हाल ही में एक नई सोसायटी के गठन के बाद स्थिति बदल गई है। आरोप है कि नई सोसायटी क्षेत्र में मनमानी कर रही है और गोवर्धन सोसायटी को गांव से दूध एकत्रित करने नहीं दे रही। महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार गोवर्धन सोसायटी को ही दूध देना चाहती हैं।
इस स्थिति के चलते महिलाओं को मजबूरी में दूध छमाहण भेजना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक घाटा हो रहा है। रेखा गुलेरिया ने आरोप लगाया कि नई सोसायटी राजनीतिक प्रभाव में काम कर रही है। उन्होंने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर दुग्ध उत्पादकों की समस्या का समाधान करने की मांग की।
महिला मंडल की प्रधान दमयंती देवी ने कहा कि गांव की महिलाएं गोवर्धन सोसायटी को ही दूध देना चाहती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उचित दिशा-निर्देश जारी कर नई सोसायटी की मनमानी पर रोक लगाई जाए। उधर, उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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सड़कों की खराब हालत से बढ़ी परेशानी
ओझरी गांव के अलावा मणिकर्ण घाटी के बरशैणी और आसपास के क्षेत्रों में भी दुग्ध उत्पादकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण दूध को समय पर बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
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