उपमंडल में भारी बारिश के कारण एक मकान भूस्खलन की चपेट में आने से तहस नहस हो गया है। इस घर में छह लोगों का परिवार रहता था। घर के मलबे की चपेट में आने से ये लोग बेघर हो गए हैं।
इन लोगों को अभी तक प्रशासन की ओर से भी किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पटवारी को मौके पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ग्राम पंचायत नोहांडा के नाहीं गांव में भूस्खलन से चार कमरों का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। भूस्खलन के कारण मकान मलबे में पूरी तरह से दब गया है। पहाड़ी शैली में बना यह मकान दो मंजिला था। अचानक मकान के पीछे वाली पहाड़ी से आए मलबे ने मकान को अपनी चपेट में लेे लिया। हालांकि, इस भूस्खलन के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है क्योंकि हादसे के समय घर में कोई भी नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
मकान के भूस्खलन की चपेट में आने से चार कमरों के मकान में रहने वाला परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। मकान मालिक लगन चंद पुत्र उदय राम ने बताया कि वह अपने परिवार के छह लोगों के साथ इस मकान में रहता था। शनिवार सुबह आठ बजे मकान के पीछे छोटी पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण मकान उसकी चपेट में आ गया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण अभी तक इन लोगों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत तक नहीं दी गई है। उधर, इस मामले को लेकर तहसीलदार रमन घरसंगी ने कहा कि पटवारी को मौके पर भेजा गया है। नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को उचित मुआवजा दे दिया जाएगा।