केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। कड़ाके की ठंड के कारण मनाली-लेह, मनाली-रोहतांग और मनाली-काजा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों की सड़कों पर ब्लैक आइस जमने लगी है। इससे वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। मौसम साफ रहने के बावजूद घाटी में सुबह-शाम हड्डियां कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है।
जिला मुख्यालय केलांग में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। पेयजल स्रोत भी जमने लगे हैं। सड़कों पर पानी जमने से कई स्थानों पर फिसलन बढ़ गई है। बीते दिन छूरपक-प्यूकर मार्ग पर एक वाहन फिसलकर खाई में गिरने से बड़ा हादसा टल गया। उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने बताया कि सड़कों पर बर्फ की परत जमने लगी है, जिससे सफर बेहद जोखिमभरा हो गया है।
उन्होंने यात्रियों और वाहन चालकों से सुबह और देर शाम के समय यात्रा से परहेज करने की अपील की है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर रात के समय सफर न करने की हिदायत दी है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने भी मनाली-लेह, कोकसर-काजा, कोकसर-रोहतांग और तांदी-किलाड़ मार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
घाटी में इन दिनों अधिकतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस 10 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे सड़कों पर ब्लैक आइस बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, टायरों में चेन लगाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी है।