वीडियो बनाने वाली महिला बोली- अस्पताल प्रशासन ने पूछताछ की न ही कार्रवाई
आरोप- सोशल मीडिया में अपलोड किए वीडियो को हटाने का बनाया गया दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों को परोसे गए खाने में कॉकरोच मिलने का मामला अब भी अनसुलझा है। शिकायत करने वाली महिला ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने न कोई पूछताछ की और न ही कार्रवाई।
उल्टा वीडियो हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने खुलासा किया है कि अभी तक इस मामले में किसी तरह की जांच नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन से किसी तरह की बात नहीं हुई है। न ही मामले में बयान लिया गया है। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल प्रशासन भी मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। कायदे से इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए थी। महिला ने खुलासा किया है कि उन्हें उम्मीद थी कि मामले में जांच होगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन दो लोगों ने उन्हें जरूर फोन किया था। इसमें एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया में अपलोड किए वीडियो को हटाने का दबाव बनाने का प्रयास किया।
यह हुआ था उस दिन
मीडिया के सामने किरना देवी ने कहा कि वह भाभी के साथ अस्पताल आई थीं। भाभी को गायनी वार्ड में भर्ती किया गया था। यह बात 23 अक्तूबर शाम करीब आठ बजे की है। मेस के कर्मचारी खाना देने के लिए आए। उन्होंने भी खाना लिया। खाना शुरू किया तो कॉकरोच नजर आया। यह खाने के साथ पका हुआ था। उन्होंने खाना छोड़ दिया। इसके बाद इसका वीडियो बनाकर अपने पास रखा। शिकायत करने के लिए मेस में भी गईं और कर्मचारियों को जानकारी और उन्हें बेड नंबर एक पर आने को कहा लेकिन दूसरे दिन सुबह तक कोई नहीं आया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड कर दी।
अभी तक कोई जानकारी नहीं
अस्पताल प्रशासन ने मेस संचालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की, इसका उन्हें पता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इतनी पढ़ी-लिखी नहीं हैं कि इसकी किससे और कहां शिकायत करें। इसलिए सही लगा तो वीडियो सोशल मीडिया में डाल दिया जिससे लोगों को भी इस तरह की लापरवाही के बारे में पता चले। महिला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को कायदे से इस मामले में छानबीन करनी चाहिए थी। जिस तरह अभी तक मामले में कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है, उससे प्रतीत हो रहा है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने प्राथमिक छानबीन की है। जो भी पहलू सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अभी मेस संचालक को पेस्ट कंट्रोल सर्विस करने को कहा गया है। - डॉ. तारा चंद, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल