कुल्लू। बरसात में जलजनित रोगों से बचाव के लिए जलशक्ति विभाग के दावों की हवा निकल गई है। शहर में एक महीने से पीलिया के मामले सामने आ रहे हैं। अब विभाग भी सतर्क हो गया है।
देर से ही सही, अब विभाग ने जिलेभर के पेयजल टैंकों की सफाई का जिम्मा उठाया है। इस संबंध में नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों के प्रधानों को पेयजल स्टोरेज टैंकों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है। जिले में 246 ग्राम पंचायतों की आबादी को विभिन्न पेयजल योजनाओं से सप्लाई दी जा रही है।
लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और जल जनित बीमारी न फैले, इसलिए टैंकों को साफ किया जाएगा। एक महीने में जिला मुख्यालय कुल्लू में पीलिया के 100 से अधिक मरीज क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे हैं। हाल के दिनों में नए मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई है।
अब विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। संक्रमण को ग्रामीण क्षेत्रों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलशक्ति विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे जिला मुख्यालय के साथ पूरे जिले में पेयजल टैंकों, प्राकृतिक जल स्रोतों और सार्वजनिक पनिहारों (पेयजल के स्रोत) की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
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पीलिया के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी पंचायतों और नगर पंचायतों को पेयजल टैंकों की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम करना है।
विनोद ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, जलशक्ति विभाग