ऐतिहासिक गांव नग्गर में हिमालय में पाया जाने वाले एक वन्य प्राणी सिवट का बच्चा मिला है। सिवट जिसे स्थानीय भाषा में वनसोका भी कहा जाता है, को सोमवार सुबह लोगों ने गांव में देखा। गांव के पर्यावरण प्रेमियों ने इसे रेस्क्यू कर अपने घर में रख लिया है।
अब इसे वन विभाग को सौंप दिया जाएगा। वहीं, पर्यावरण प्रेमी सिवट की घटती संख्या को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक तीन दशक पहले जिला के जंगलों में यह प्राणी काफी अधिक संख्या में पाया जाता था, लेकिन आज इस वन्य प्राणी की संख्या आधे से भी कम रह गई है। गौरतलब है कि कुछ माह पहले नग्गर में एक बड़ा सिवट मिला था और अब सिवट का बच्चा मिलने से नग्गर गांव फिर चर्चा में है।
वन्य प्राणी को अपने घर में रखने वाले पशपाल ने कहा कि वन्य प्राणी का आबादी वाले क्षेत्र में आना इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान समय में वन्य प्राणियों को अपना अस्तित्व बचाने के लिए गांवों का रुख करना पड़ रहा है। फिलहाल, वन्य जीव को लेकर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया है। उधर, इस मामले को लेकर डीएफओ डॉ. नीरज कुमार ने कहा कि इस संबंध में विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।