केलांग (लाहौल-स्पीति)। लेह मार्ग में बीआरओ के साथ काम कर रहे मजदूरों के बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। यहां करीब 40 बच्चे ऐसे पाए गए हैं जिनके न तो आधार कार्ड बनाए गए हैं और न ही किसी स्कूल में पढ़ाई के लिए दाखिला लिया गया है। इस बात का खुलासा जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के संयुक्त निरीक्षण के दौरान हुआ है। दरअसल जिला बाल संरक्षण इकाई लाहौल-स्पीति और बाल कल्याण समिति ने शिंकुला पास तक संयुक्त निरीक्षण किया और इस मामले को गंभीरता से लिया है।
जानकारी के अनुसार बाल कल्याण समिति अध्यक्ष शशि किरण व जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा नंद ने विभागीय कर्मचारियों के साथ बच्चों से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली। इसको लेकर उन्होंने निरीक्षण कर बच्चों के संरक्षण और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर जानकारी जुटाई। लिहाजा, इसी कड़ी में इस संयुक्त टीम ने शिंकुला पास तक औचक निरीक्षण किया और पाया कि मजदूरों के साथ विभिन्न जगह पर लगभग 40 बच्चे भी रह रहे हैं, सभी मजदूरों के बच्चे नेपाल मूल के पाए गए। जिनकी उम्र एक से लेकर आठ वर्ष तक की है, जिसमें अधिकतर बच्चों के न तो आधार कार्ड बने हैं और न ही स्कूल में पंजीकरण किया गया है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष शशि किरण व जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा नंद ने बीआरओ के कैप्टन आशुतोष के साथ बैठक की और मजदूरों के बच्चों की देखरेख, उनकी पढ़ाई करवाने को लेकर चर्चा की और इस पर अमल करने पर भी मंथन किया गया। ऐसे में कैप्टन आशुतोष ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।