शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 47 बच्चों में से 44 को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि तीन बच्चों का अभी इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी लापरवाही सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पीने के पानी की सफाई में कमी की संभावना जताई गई है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में पहले से ही आरओ की सुविधा उपलब्ध है। सभी स्कूलों को लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है और पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।