कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के चौहकी गांव में माहिणा मेले की धूम है। मेले में देवता चौहकी महादेव और पटाधी के देवता लक्ष्मी नारायण का ढोल, नगाड़े, नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच भव्य देवमिलन हुआ।
देवमिलन देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले बलाधी के देवता थान भी लाव-लश्कर के साथ मेले में शामिल हुए।
सोमवार को देवता चौहकी महादेव, लक्ष्मी नारायण और देवता थान ने देव परंपरा का निर्वहन किया। देवताओं को धूप पिलाने की परंपरा का निर्वहन ग्रामीणों की ओर से किया गया। चौहकी गांव में दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा। देवताओं के दर्शनों के लिए सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। देवता चौहकी महादेव के कारकून छापे राम नेगी ने कहा कि मणिकर्ण घाटी के कई गांव के लोग चौहकी मेले में शामिल हुए। मेले में आए मेहमानों को ग्रामीणों की ओर से व्यंजन भी परोसे गए। संवाद