सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाकर टोंगलेन चेरिटेबल ट्रस्ट उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि उक्त ट्रस्ट को दलाई लामा की प्रेरणा से वर्ष 2004 में स्थापित किया गया था।
इसका उद्देश्य समाज के उन निर्धन और बेसहारा बच्चों को शिक्षा के साथ सम्मानजनक जीवन प्रदान करना था, जो भीख मांगने को मजबूर थे। वर्तमान में ट्रस्ट शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। ट्रस्ट की ओर से विभिन्न राज्यों एवं अलग-अलग समुदायों के लगभग 350 से अधिक बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 750 से अधिक बच्चों को शिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है। संवाद