कुल्लू जिला में पलम की पेड़ो में हुई फ्लाविंग के बाद सेटिंग।-संवाद
कुल्लू। पिछले एक सप्ताह से लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है, ऐसे में प्लम की सेटिंग बिगड़ सकती है। प्लम में इन दिनों सेटिंग का दौर चला हुआ है। पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान काफी लुढ़क गया है। रात के समय पड़ रही ठंड से बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है। बुधवार को भी सुबह साफ रहा, दोपहर बाद निचले क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी हुई।
गौर रहे कि कुल्लू में मेरीपोजा, फ्रंटियर, ब्लैक अंबर जैसी वैरायटी के प्लम के पेड़ों में पहले फूल आ गए थे। मगर प्लम की सबसे अधिक प्रचलित वैरायटी सेंटारोजा में फूल देरी से आए और उनकी सेटिंग हो रही है। मगर जिस तरह से मौसम का मिजाज बना हुआ है, इससे सेटिंग प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
बागवानों का मानना है कि सेटिंग के समय मौसम साफ रहना जरूरी है। बागवान रोहित कुमार, राहुल ठाकुर, जनकराज, सुख चंद ठाकुर, नितेश, सुनील शर्मा, मुनीष और डाबे राम ने कहा कि प्लम में सेटिंग के समय मौसम ने करवट बदली है, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्लम घाटी में सबसे पहले तैयार होने वाला फल है। किसानों-बागवानों ने घाटी के देवी-देवताओं के पास भी अच्छी फसल की अर्जी लगाई है।
बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. रामनाथ ठाकुर ने कहा कि प्लम के जिन पौधों में सेटिंग हो चुकी है, उसपर मौसम का असर नहीं पड़ेगा है। रात के समय पड़ने वाली नुकसानदायक ठंड से सेंटारोजा प्लम में सेटिंग प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि इस समय मौसम का अनुकूल रहना जरूरी है।
कुल्लू जिला में पलम की पेड़ो में हुई फ्लाविंग के बाद सेटिंग।-संवाद