कुल्लू। जिला परिषद (जिप) चुनाव में आजाद उम्मीदवार कांग्रेस और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। दोनों दलों के पास अपने समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बागी नेताओं को मनाने के लिए 15 मई तक का समय है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ऐसे उम्मीदवार सिरदर्द बने हुए हैं।
जिला परिषद के लरांकेलो वार्ड में कांग्रेस के रोहित वत्स धामी के नामांकन न भरने से हालांकि पार्टी को कुछ राहत मिली है लेकिन अभी भी यहां चुनौती बरकरार है। कांग्रेस ने आखिरी समय में लाल चंद को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी विचारधारा से जुड़े सुभाष शर्मा अब भी उनके लिए चुनौती बने हुए हैं। वहीं, भाजपा के इसी वार्ड से पार्टी समर्थित उम्मीदवार अनिल राणा के लिए टिकम राम मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
मौहल वार्ड में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के लिए पार्टी विचारधारा की प्रेमलता ठाकुर चुनौती बनी हुई हैं। जरड़-भुट्टी कॉलोनी वार्ड से छह उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से दोनों ही दलों के समर्थित प्रत्याशियों के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं। जेष्ठा जिला परिषद वार्ड से कांग्रेस ने अंजु शर्मा और भाजपा ने कमलेश शर्मा को समर्थन दिया है जबकि विभा सिंह आज़ाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।
बरशैणी वार्ड में भी कांग्रेस और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं। यहां कांग्रेस पृष्ठभूमि के शशिपाल और भाजपा विचारधारा के रूचिन चौहान आजाद रूप से चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में भाजपा के सुशील कुमार और कांग्रेस के प्रवीण के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। अपनी-अपनी पार्टी विचारधारा से जुड़े आज़ाद उम्मीदवारों को मनाने के लिए दोनों दलों के नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं। अब नाम वापसी में केवल तीन दिन शेष हैं। संवाद