एसडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पांच पार्षदों ने किया अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन
एसडीएम ने बैठक के बाद अब उपायुक्त को कार्रवाई के लिए भेजा प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। नगर पंचायत भुंतर की अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। पिछले दिनों अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार को एसडीएम कुल्लू की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चर्चा हुई। पार्षदों ने भी अपने विचार रखे। बैठक में सात पार्षदों वाली नगर पंचायत भुंतर के पांच पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। ऐसे में अब अध्यक्ष और एक पार्षद सिर्फ दो ही एक तरफ रह गए हैं। इसके चलते अब अध्यक्ष रविंद्रा डोगरा की कुर्सी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। उपमंडल अधिकारी कुल्लू निशांत ठाकुर ने बताया कि नगर पंचायत भुंतर की अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले को लेकर उपायुक्त के आदेश पर बैठक बुलाई गई। इसमें नगर पंचायत भुंतर के सातों वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे। इसके चलते अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षदों के साथ चर्चा की गई और आगे की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि मामले में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम का पालन करते हुए यह बैठक बुलाई गई जिसमें समयसीमा और कोरम का खास ध्यान रखा गया। बैठक में अविश्वास पत्र पर विस्तार से चर्चा के दौरान 7 पार्षदों में से 5 पार्षदों मीना ठाकुर, अजय किशोर, कर्ण ठाकुर, उर्मिला देवी व पवन कुमार ने प्रधान रविंद्रा डोगरा के खिलाफ पारित अविश्वास पत्र का समर्थन किया। इसके आधार पर पार्षदों की सहमति के बाद अब प्रस्ताव उपायुक्त कुल्लू को आगे की कार्रवाई अमल में लाने के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि एक साल पहले नगर पंचायत भुंतर में अध्यक्ष मीना ठाकुर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर रविंद्रा डोगरा को अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन एक साल कार्यकाल पूरा होने के बाद अब रविंद्रा डोगरा के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। ऐसे में अब रविंद्रा डोगरा की कुर्सी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। अब इस मामले में उपायुक्त कुल्लू की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिक गई है।