कुल्लू में ईद पर एक दूसरे के गले मिलते बच्चे।
कुल्लू। कोरोना के चलते जिला कुल्लू में डेढ़ साल बाद मस्जिद में ईद (बकरीद) मनाई गई। इससे पहले हुई ईदों को घर में ही मनाया गया था। लेकिन अब सरकार ने मंदिर-मस्जिदों को खोल दिया है। लेकिन कोरोना नियमों को देखते हुए जिला कुल्लू की सबसे बड़ी अखाड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद में दिन में तीन समय नमाज अदा की गई।
एक साथ भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए अलग-अलग समय तय किया गया था। पहली नमाज सुबह के समय छह बजे हुई, दूसरी नमाज साढ़े सात बजे और तीसरी नमाज सुबह नौ बजे हुई। देशभर में बुधवार को मनाए गए ईद उत्सव को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कोरोना से जल्द मुक्ति और खात्मे के साथ देश में सुख-शांति व अमन-चैन के लिए प्रार्थना की। अखाड़ा बाजार की जामा मस्जिद के इमाम नवाब हाशमी ने कहा कि ईद की नमाज को डेढ़ साल बाद मस्जिद में पढ़ा गया है। इस दौरान कोरोना नियमों का पालन किया गया। मन की पवित्रता, बुराइयों को त्याग तथा अच्छे कर्म करने के अलावा समाज व देश के अंदर सुख-शांति के लिए खुदा से दुआ मांगी है। ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के उपाध्यक्ष फिरास्त खान ने कहा कि अखाड़ा बाजार के साथ बजौरा, हाट, जिया में ईद मनाई और नमाज पढ़ी गई।