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Kullu News: सात महीने से सैंज-न्यूली रूट पर नहीं दौड़ रही बस

Fri, 06 Feb 2026 11:06 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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जिले की दुर्गम छह पंचायतों के ग्रामीणों को हो रहीं दिक्कतें
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आपदा में क्षतिग्रस्त सड़क बहाल, बस सेवा फिर भी ठप
महेंद्र पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की दुर्गम पंचायतों के लिए बस सेवा सात माह से ठप है। सैंज-न्यूली रूट पर परिवहन निगम की बसें नहीं दौड़ रही हैं। इस कारण छह पंचायतों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यातायात के लिए बस सेवा बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है। पिछली बरसात में जून 2025 में जीवानाला में बादल फटने से दरमेहड़ा नामक स्थान पर सैंज-न्यूली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस वजह से बस सेवा बंद रही। अब लोक निर्माण विभाग ने सड़क को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है।
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सड़क बहाल होने के बावजूद परिवहन निगम ने बस सेवा दोबारा शुरू नहीं की है। इस कारण ग्रामीणों को आवाजाही संबंधी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण रामलाल, आलम चंद, निमत राम, झाबे राम, रोहन और सुभाष ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी भारी पड़ी है और अब सड़क बहाल है लेकिन निगम बस सेवा शुरू नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को टैक्सियों का भारी-भरकम किराया देना पड़ रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि सैंज से न्यूली तक सड़क बस योग्य है। इसकी फिटनेस रिपोर्ट एचआरटीसी को सौंपी गई है।

सैंज-न्यूली सड़क बस योग्य नहीं है। बरसात के दिनों में सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई थी। ऐसे में बस का संचालन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए करना उचित नहीं है। लोक निर्माण विभाग से सड़क की फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद दोबारा बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। -भुवनेश्वर, अड्डा प्रभारी औट

सैंज-न्यूली रूट पर पिछले सात माह से बस नहीं चल रही है। शैंशर, गाड़ापारली, शांघड़, सुचैहण, रैला-एक और रैला-दो पंचायतों के गामीणों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क बहाल कर दी है। निगम को बस संचालन शुरू करना चाहिए। -तापे राम, ग्रामीण
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सैंज घाटी की दुर्गम पंचायतों के लिए एचआरटीसी की बस सेवा बंद है जो मरीजों के लिए आफत बनी हुई है। बीमारी की हालत में पैदल सफर करना संभव नहीं है। ऐसे में मरीज को मजबूरन टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है, जो मर्ज के साथ आर्थिक परेशानी बढ़ा रहा है। - रामलाल, ग्रामीण
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