कुल्लू। एचआरटीसी कुल्लू डिपो का कारनामा पाहनाला क्षेत्र के यात्रियों पर भारी पड़ा है। अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू से पाहनाला रूट पर चलने वाली एचआरटीसी बस निर्धारित समय से पूर्व ही भेज दी गई। इससे 15 से 20 सवारी छूट गईं।
यात्रियों को रात के अंधेरे में 10 से 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा है। वीरवार को बस अड्डा कुल्लू से पाहनाला के लिए शाम के समय जाने वाली अंतिम बस को समय सारिणी से 20 मिनट पहले ही भेज दिया गया। समय सारिणी के अनुसार एचआरटीसी की बस कुल्लू बस अड्डा से शाम 06:00 बजे पाहनाला के लिए संचालित की जाती है, लेकिन वीरवार को बस 05:40 बजे ही भेज दी गई।
इससे सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इन सवारियों में महिलाओं और युवतियों की संख्या अधिक रही। बस समय से पूर्व संचालित होने की वजह से सवारियों को कुल्लू-भुंतर रूट की बस में जाना पड़ा, लेकिन टीकरा बावड़ी से रूट अलग-अलग हो जाते हैं। ऐसे में अपर बदाह और कोलीबेहड़ के यात्रियों को लोअर बदाह में उतरना पड़ा और वहां से चढ़ाई चढ़कर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
पाहनाला जाने वाले यात्रियों को मौहल में उतरना पड़ा और करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित शियारी ढोग तथा वहां से दोबारा पाहनाला सड़क से करीब आठ से दस किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ा। यात्री आरती, मनीषा, शीतल, प्रियंका और कुशाल ने कहा कि 06:00 बजे जाने वाली बस 05:40 बजे ही भेज दी गई।
इसके कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। कहा कि उन्हें कई मील का सफर अंधेरे में पैदल तय करना पड़ेगा। पाहनाला के लिए और कोई बस न होने की वजह से कुल्लू-भुंतर बस में आधे रास्ते तक जाना पड़ा। इस संबंध में बस अड्डा प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि शुक्रवार से बस दोबारा पुरानी समय सारिणी के अनुसार संचालित की जाएगी।